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कंगना रनोट-शिवसेना विवाद: अयोध्या के संतों की खरी-खरी, कहा- यहां न आएं उद्धव ठाकरे, नहीं तो झेलना पड़ेगा विरोध

कंगना रनोट-शिवसेना विवाद: अयोध्या के संतों की खरी-खरी, कहा- यहां न आएं उद्धव ठाकरे, नहीं तो झेलना पड़ेगा विरोध
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अयोध्या। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट के समर्थन में उतरे अयोध्या में संतों ने उद्धव ठाकरे का विरोध शुरू कर दिया है। संतों और विश्व हिंदू परिषद ने घोषणा की है कि उद्धव अयोध्या न आएं। यहां आने पर उनका स्वागत नहीं होगा बल्कि उन्हें विरोध झेलना पड़ेगा। इस बीच विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने भी कंगना का समर्थन करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ उद्धव ठाकरे की सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।

विहिप भी कंगना के समर्थन में उतरी

कंगना रनोट के उत्पीड़न को लेकर अयोध्या के संत व विहिप उनके समर्थन में उतरे हैं। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि महिला उत्पीड़न केवल बदले भी भावना से किया जा रहा है। इसका खामियाजा शिवसेना को भोगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भेदभाव तरीका अपना कर अभिनेत्री कंगना का मकान ध्वस्त किया गया जब वह मुंबई के रास्ते में थी, जबकि माफियाओं के अलावा हजारों लाखों की संख्या में अवैध निर्माण मुंबई में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख एक महिला से लड़ रहे हैं जबकि उनको सच्चाई का पर्दाफाश करना चाहिए।

हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कंगना के दफ्तर को तोड़ने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे या शिवसेना का कोई भी नेता अयोध्या में आया तो उनका विरोध होगा। संत उनकी करतूत के खिलाफ हैं। बीएमसी ने कंगना का दफ्तर तोड़कर अच्छा नहीं किया।

महंत गिरी ने कहा है कि कंगना रनौत बहादुर और हिम्मत वाली बेटी हैं, जिन्होंने बॉलीवुड के माफियाओं और ड्रग माफियाओं के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने निडर होकर बॉलीवुड में एक विशेष समुदाय के वर्चस्व के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है। इससे न केवल बॉलीवुड के माफिया डर गए हैं, बल्कि सरकार के भी कदम उखड़ रहे हैं।

कंगना के साथ साधु-संत और पूरा देश

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। पालघर में दो साधुओं की हुई हत्या के मामले में भी महाराष्ट्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कंगना रनौत की इस लड़ाई में साधु-संत और पूरा देश उनके साथ है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार को कंगना रनौत को सुरक्षा देने के लिए धन्यवाद भी दिया है।

'कंगना का दफ्तर गिराया, साधुओं की हत्या मामले में ऐक्शन नहीं'

हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कहा कि सरकार ने बिना समय दिए कंगना का दफ्तर गिरा दिया और पालघर में साधुओं की हत्या मामले में कोई सख्त ऐक्शन नहीं लिया। महंत कन्हैया दास ने कहा कि उद्धव ठाकरे का अयोध्या में स्वागत नहीं है। अह शिवसेना वह नहीं रही, जो कभी बालासाहेब ठाकरे के अधीन हुआ करती थी।

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