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सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत दो जालसाजों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया

जालसाज ने बताया कि प्रति अभ्यर्थी क्लर्क के लिए चार से पांच लाख चपरासी के लिए दो से तीन लाख रुपये लेते थे

सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत दो जालसाजों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया
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लखनऊ। सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने सरगना समेत दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। राजधानी के इंदिरानगर थाना क्षेत्र से पकड़े गए जालसाजों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये लोग दर्जनों लोगों से नौकरी के नाम पर 50 लाख की ठगी कर चुके हैं। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी की वैकेंसी के नाम पर लोगों से रुपए ले रखे थे।

एसटीएफ सीओ धर्मेश कुमार शाही ने बताया, बेरोजगार युवकों से सचिवालय व अन्य विभागों में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ की एक टीम ने जांच शुरू की। जांच में जानकारी मिली थी कि सरगना दिवेश कुमार मिश्रा व विनीत कुमार मिश्र नाम के दो व्यक्ति के द्वारा जालसाजी की जा रही है। इस पर टीम ने रविवार सुबह मुखबिर की सूचना पर दोनों अभियुक्तों को इंदिरा नगर अरविंदो पार्क के पास से गिरफ्तार किया है।

चपरासी-क्लर्क के लिए 2 से 5 लाख था रेट

एसटीएफ की पूछताछ में पकड़े गए जालसाज ने बताया कि वो बेरोजगार नौजवानों को ढूंढते थे। सचिवालय व अन्य सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे पैसा लेते थे। इसके बाद फर्जी नियुक्त पत्र दे देते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अभ्यार्थियों से हम लोग सचिवालय के बाहर मिलते थे। इससे उनको विश्वास हो जाता था।

जालसाज ने बताया कि प्रति अभ्यर्थी क्लर्क के लिए चार से पांच लाख चपरासी के लिए दो से तीन लाख रुपये लेते थे। अभ्यर्थियों से मिले रुपए को हम लोग सब के काम के हिसाब बांट लेते थे। एसटीएफ सीओ का कहना हैं कि गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी कराने लोगों की तलाश की जा रही है।

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