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हाथरस केस: फोरेंसिंक टीम ने मुख्य आरोपी संदीप के कमरे से सबूत जुटाए, मोबाइल-मार्कशीट को जब्त किया

हाथरस केस: फोरेंसिंक टीम ने मुख्य आरोपी संदीप के कमरे से सबूत जुटाए, मोबाइल-मार्कशीट को जब्त किया
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हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप और उसकी मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने गुरुवार को मुख्य आरोपी संदीप का मोबाइल और उसकी मार्कशीट को जब्त किया है। वहीं, फोरेंसिक टीम ने संदीप के कमरे और छत से अहम सबूत जुटाए हैं। इस दौरान जांच टीम ने संदीप के अलावा आरोपी रवि, रामू, लवकुश के परिवार वालों से करीब चार घंटे पूछताछ की है। संदीप के पिता ने अपने बेटे और अन्य तीनों को निर्दोष बताया। कहा कि रंजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है। पीड़ित लड़की के साथ इंसाफ होना चाहिए। सीबीआई जांच से सबकुछ साफ हो जाएगा। हम नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं।

3 घंटे 45 मिनट गांव में रही सीबीआई

सीबीआई ने 11 अक्टूबर को हाथरस पुलिस की पहली एफआईआर के आधार पर मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ केस दर्ज कर दिया था। उसके बाद सीबीआई लगातार एक्शन में है। आज जांच के पांचवें दिन सीबीआई सुबह चंदपा कोतवाली पहुंची। करीब आधे घंटे में आरोपियों के संबंध में जानकारी लेने के बाद टीम बुलगढ़ी गांव पहुंची। यहां सीबीआई ने आरोपियों के परिजनों से करीब 3 घंटा 45 मिनट तक पूछताछ की। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने संदीप के कमरे व उसके घर का हर एक कोना तलाशा।

इससे पहले सीबीआई ने बुधवार को पीड़ित के दोनों भाइयों और पिता से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। वहीं, मंगलवार को सीबीआई टीम घटनास्थल और अंतिम संस्कार वाली जगह पहुंची थी। इस दौरान फोरेंसिक एविडेंस भी जुटाए गए थे। सीबीआई अफसर पीड़ित के बड़े भाई को पूछताछ के लिए साथ ले गए थे। देर शाम उसे पुलिस सुरक्षा में घर भेज दिया था। परिवार के दूसरे सदस्यों से भी बातचीत की गई थी। इस टीम ने क्षेत्र के चंदपा थाने के पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की थी।

संदीप के पिता बोले- मुझ पर भी पीड़ित के पिता ने केस दर्ज कराया था

हाथरस केस के मुख्य आरोपी संदीप के पिता गुड्डू ने कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है। घटना के समय वह मेरे साथ था। हम दोनों पिता-पुत्र अपने पशु को चारा डाल रहे थे। घटना के बारे में हमें छोटू नाम के लड़के से जानकारी मिली थी। जिस खेत में घटना घटित हुई, वह उस खेत का मालिक है। घटना के समय पीड़ित लड़की की मां और बड़ा भाई मौजूद था। पीड़ित लड़की के साथ मारपीट और अन्य घटना से मेरे बेटे का कोई लेना देना नहीं है। 2001 में पीड़िता के पिता ने हम पर भी झूठा मुकदमा किया था। 20 दिनों तक हमने जेल काटी थी। बाद में समझौते के तहत 2016-17 में मुकदमा खत्म हुआ था। संदीप के अलावा बाकी तीनों आरोपी रवि, रामू और लवकुश भी निर्दोष हैं। हम नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। दो माह पहले पीड़िता के पिता ने मुझसे शिकायत की थी कि संदीप मेरी बेटी को फोन करता है। तब हमनें फोन करने से संदीप को रोका था। लड़की भी संदीप को फोन करती थी। हमें सीबीआई जांच से उम्मीद है। सीबीआई सबूत के तौर पर संदीप की मार्कशीट व फोन ले गई है।

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