Top
undefined

बलिया में पत्रकार रतन सिंह हत्याकांड: मुख्यमंत्री योगी ने परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी; मामले में 6 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी समेत 4 की तलाश

बलिया में पत्रकार रतन सिंह हत्याकांड: मुख्यमंत्री योगी ने परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी; मामले में 6 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी समेत 4 की तलाश
X

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया में सोमवार देर शाम एक टीवी न्यूज चैनल के पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बलिया के फेफना थाना से करीब 500 मीटर दूर पर कुछ बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। रतन ने हमलावरों से बचने के लिए भागने की कोशिश की लेकिन उन्होंने दौड़ाकर गोली मार दी और भाग निकले। मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि चार अन्य की तलाश की जा रही है। वहीं, फेफना थाने के एसओ को सस्पेंड कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार के परिजन को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।

इस बीच, आजमगढ़ के डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि मामले में 10 आरोपी हैं। इनमें 6 की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी समेत चार फरार हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना में पत्रकारिता से संबंधित कोई बात शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से दो पक्षों के बीच जमीन विवाद के बारे में है।

रतन सिंह के पिता ने कहा- पुलिस की मिलीभगत से हुई बेटे की हत्या

पत्रकार रतन सिंह के पिता विनोद सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत की वजह से उनके बेटे की हत्या हुई है। पिता ने कहा कि विवादित जमीन पर न ही भूसा और न ही पुवाल रखा गया था। न ही विवादित जमीन को लेकर झगड़ा था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में फेफना के इंस्पेक्टर शशिमौली की भूमिका संदिग्ध है। अपने को घिरा देखकर रतन ने इंस्पेक्टर को फोन किया था लेकिन वह थोड़ी देर के लिए वहां पहुंचे और फिर वापस चले गए। यदि वो उस समय वहां रुक गए होते तो बेटे की हत्या नहीं हुई होती।

फेफना थाने का एसओ सस्पेंड

वारदात के बाद लोगों ने फेफना-रसड़ा मार्ग को जाम कर दिया। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और एसओ फेफना शशिमौली पांडेय को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। परिजन ने फेफना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। एसपी ने एसओ फेफना शशिमौली पांडेय को सस्पेंड करने और जांच के बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खत्म करवाया था।

यह है मामला

रतन सिंह सोमवार को पूरे दिन जिला मुख्यालय बलिया में रहने के बाद शाम को गांव चले गए। यहां गांव में ही किसी के यहां बैठने के बाद पैदल घर जा रहे थे, तभी घर कुछ लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी। ग्रामीणों के अनुसार, जान बचाने के लिए रतन ग्राम प्रधान में घर में घुस गए लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और एक-एक कर तीन गोलियां दाग दीं। इससे रतन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

बताया जाता है कि कुछ दिन पहले रतन का उनके पट्टीदारों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तब उन्होंने जान से मार देने की धमकी भी दी थी। हालांकि परिवार वालों की ओर से अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई।

Next Story
Share it
Top