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रामलीला 17 से 25 अक्टूबर तक 14 भाषाओं में होगा लाइव टेलीकास्ट, रामलीला देखने सीएम योगी भी जाएंगे

रामलीला 17 से 25 अक्टूबर तक 14 भाषाओं में होगा लाइव टेलीकास्ट, रामलीला देखने सीएम योगी भी जाएंगे
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में होने वाली रामलीला में इस बार आम लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। इस रामलीला का पूरे लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ रामलीला देखने अयोध्या जाएंगे। इस रामलीला का प्रसारण देशभर में उर्दू समेत 14 भाषाओं में किया जाएगा।

रामलीला का सीधा प्रसारण 17 से 25 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। इस वर्ष अयोध्या में रामलीला का आयोजन करने की अनुमति दिल्ली रामलीला समिति को दी गई है। समिति के निदेशक सुभाष मल्लिक ने कहा, 'योगी जी ने हमारा आमंत्रण स्वीकार किया है और वह रामलीला के मंचन के किसी भी दिन देखने आ सकते हैं।'

मलिक ने कहा कि उन्होंने रामलीला समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रण दिया था, जो उन्होंने स्वीकार किया। योगी सरकार ने 14 भाषाओं में रामलीला के प्रसारण की मंजूरी दी है। मलिक ने कहा, 'यह ऐतिहासिक मौका होगा जब रामलीला का प्रसारण उर्दू में किया जाएगा और इसमें रजा मुराद और शाहबाज खान जैसे मुस्लिम अभिनेता अभिनय करेंगे।'

सांसद मनोज तिवारी बनेंगे अंगद, रवि किशन भरत की भूमिका में होंगे

वहीं, कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध एक्टर बिंदु दारा सिंह से कहा कि आपके पिता भी हनुमान जी का किरदार निभाते थे। आपने उनकी विरासत को अच्छी तरह से संभाला है। उन्होंने कहा, जब मैं रामायण में आपके पिता की भूमिका देखता था तो अति प्रसन्न हो जाता था।

इस बार रामलीला में बॉलीवुड सुपर स्टार भी शामिल होंगे। बिंदु दारा सिंह, मनोज तिवारी और रवि किशन के अलावा असरानी नारद की भूमिका में रहेंगे। वहीं शहबाज खान रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। उसी प्रकार ऋतु शिवपुरी, रजा मुराद जैसे कलाकार भी अयोध्या की रामलीला में नजर आएंगे।

अयोध्या में इस बार नहीं होगा रामलीला का आयोजन

राम की नगरी में इस साल परम्परागत रामलीलाओं के मंचन दशहरे के अवसर पर नहीं होंगे। कोविड संक्रमण के चलते इस साल राम लीलाओं के आयोजन को स्थगित करने का निर्णय मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला प्रशासन व केंद्रीय दुर्गा पूजा व रामलीला समन्वय समिति की बैठक में किया गया। डीएम अनुज कुमार झा की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में तय हुआ कि दुर्गा पूजा के सार्वजनिक आयोजन पर भी रोक रहेगी।

नहीं होगा कोई कार्यक्रम

कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण के दृष्टिगत चौराहों, गलियों, सड़क की पटरियों या अन्य किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पंडाल या मूर्ति स्थापित न करने के निर्देश दिए गए हैं। तय हुआ कि लोग अपने-अपने घरों में कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना कर सकते हैं। जिन मंदिरों में पारंपरिक रूप से पूजा अर्चना होती रही वहां पर पूजा होती रहेगी। कहीं पर भी किसी भी प्रकार की शोभायात्रा या जुलूस नहीं निकाला जाएगा।

हर वर्ष 1500 स्थानों पर लगते थे दुर्गा पांडाल

1500 स्थानों पर लगते थे मां दुर्गा के पंडाल-दुर्गा पूजा समिति के संरक्षक विजय कुमार गुप्ता के मुताबिक पिछले साल तक जिले में 1500 स्थानों पर दुर्गा पूजा व 200 स्थानों पर रामलीला का मंचन होता था। जो इस साल कोविड संकट के कारण स्थगित रहेगा। केवल सांकेतिक तौर पर घरों व मंदिरों में ही आयोजन होंगे जिनमें भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी।

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