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मुफ्फरनगर का जवान पंचतत्व में विलीन, शहीद मोहित को नम आंखों से दी गई विदाई, 5 साल पहले सेना में मिली थी नौकरी

मुफ्फरनगर का जवान पंचतत्व में विलीन, शहीद मोहित को नम आंखों से दी गई विदाई, 5 साल पहले सेना में मिली थी नौकरी
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मेरठ। उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले सेना के जवान मोहित बालियान का बीते शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। रविवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव गढ़ी नोआबाद लाया गया तो सबकी आंखें नम हो गईं। तिरंगे में लिपटे पार्थिव देह को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने भारत माता की जय और अमर रहे के जयघोष किए। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान व अन्य ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जवान का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

साल 2015 में मिली थी नौकरी

गांव गढ़ी नोआबाद निवासी मोहित बालियान साल 2015 में सेना में भर्ती में हुए थे। वर्तमान में मोहित की तैनाती जम्मू कश्मीर में भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर राजौरी सेक्टर में आरआर 39 बटालियन में थी। बताया जा रहा है कि जवान मोहित की बॉर्डर पर तैनाती के दौरान दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। सेना की ओर से जानकारी मिलने के बाद परिजन मोहित के पार्थिव शरीर को लेने कश्मीर पहुंच गए थे। सुबह जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाकर राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया।

सीएम योगी की तरफ से मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह समेत गांव के हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन किया। जवान की शहादत को लेकर अभी संशय बरकरार है। सेना की ओर से मोहित को शहीद का दर्जा देने की बात अभी नहीं कही गई है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है कि मोहित की मौत क्रॉस फायरिंग में हुई है या फिर किसी और दूसरे कारण से।

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