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पीएम मोदी समेत 50 वीआईपी बनेंगे राम मंदिर भूमि पूजन के साक्षी, राजनीतिक गतिविधियां तेज

पीएम मोदी समेत 50 वीआईपी बनेंगे राम मंदिर भूमि पूजन के साक्षी, राजनीतिक गतिविधियां तेज
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारी तेज कर दी है। मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, बिहार के सीएम नीतीश कुमार समेत 50 वीआईपी समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मणिराम दास छावनी की ओर से पीएम को 40 किलो चांदी का श्रीराम शिला समर्पित करेंगे। भूमि पूजन के समय प्रधानमंत्री वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच शिला (ईंट) को पवित्र भूमि में स्थापित करेंगे। इससे पहले अयोध्या में राजनीतिक गतिविधियां भी शुरु हो गई हैं। सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कारसेवकपुरम में बैठक की।

कोरोना के खतरे के चलते 50 से अधिक वीआईपी शामिल नहीं होंगे

कोरोनावायरस के प्रकोप के चलते भूमि पूजन कार्यक्रम में अतिथियों को सीमित रखा गया है। ट्रस्ट ने कहा कि, अयोध्या में बड़ी-बड़ी टीवी स्क्रीन लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु कार्यक्रम देख सकें। तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान समारोह की शुरुआत 3 अगस्त को होगी। इसमें मंदिर आंदोलन से जुड़े सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इस सूची में संघ प्रमुख मोहन भागवत, भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और साध्वी ऋतंभरा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भाजपा के वैचारिक समारोह में वरिष्ठों के साथ भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे।

संजय राउत बोले- अयोध्या आने के लिए किसी के निमंत्रण की जरूरत नहीं

इस भूमि पूजन कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी शामिल होंगे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे ने भाजपा के साथ 35 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ठाकरे अयोध्या आए थे। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, "शिवसेना ने राम मंदिर निर्माण की राह की बाधाओं को दूर कर दिया है। अयोध्या आने के लिए किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है।"

ट्रस्ट अध्यक्ष पीएम को देंगे चांदी की शिला

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने बताया कि श्रीमणिराम दास स्वामी सेवा ट्रस्ट सदैव धार्मिक सांस्कृतिक विरासत को संयोजित करने काम करता रहा है। संतों की सेवा गो सेवा तथा निराश्रित छात्रों की सेवा ही उसका प्रारंभ से उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि 1989 में लोगों ने एक ईंट और सवा रुपए का दान किए थे। इसके साथ ही अनेक लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार भगवान के चरणों में सहायता सहयोग राशि समर्पित की थी। हम भी न्यास के अध्यक्ष रहे और अब वर्तमान में श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हैं। इस कारण हमारा सर्वप्रथम दायित्व बनता है कि हम भी इस महायज्ञ में अपनी समिधा का समर्पण करें। उन्होंने कहा कि यह शिला 5 अगस्त को पीएम मोदी जी के हाथों से श्रीराम जन्मभूमि पर भूमि पूजन के दौरान स्थापित की जाएगी।

राममंदिर के भूमिपूजन से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ बुलाकर वार्ता की। वहीं, व्यवस्था के आकलन के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे रामलला व हनुमानगढी का दर्शन करेंगे। उसके बाद सर्किट हाउस में रिजर्व टाइम में मंदिर निर्माण की तैयारी को लेकर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर सकते हैं। इस बीच सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंंत्र देव सिंह अयोध्या पहुंचे। वे विहिप के मुख्यालय कारसेवक पुरम पहुंचे, जहां ट्रस्ट के सदस्यों, विहिप व संघ के पदाधिकारियों के बीच बैठक की।

संतों ने पीएम के दौरे का किया स्वागत

अयोध्या में साधु-संतों ने पीएम के दौरे का स्वागत किया है। साथ ही यह भी कहा कि राम मंदिर की आधारशिला पीएम रख कर मंदिर निर्माण के शुभारंभ से वे विश्व में नया संदेश देगे। साथ ही अयोध्या को करोड़ों की योजनाओं की सौगात भी मिलने की उम्मीद है। रामलला मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि भूमि पूजन मे 9 ग्रहों की पूजा होगी। उसके बाद गौरी गणेश की पूजा व हनुमान जी सरयू मैया व पांचों देवताओं की पूजा की जाती है। ऐसा ही होना चाहिए।

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