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12वीं में पढ़ने वाले छात्र ने बनाई स्मार्ट इको फ्रेंडली बाई-साइकिल

बगैर हेलमेट बैठे या शराब पीकर चलाने की कोशिश की तो स्टार्ट नहीं होगी

12वीं में पढ़ने वाले छात्र ने बनाई स्मार्ट इको फ्रेंडली बाई-साइकिल
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 12वीं में पढ़ने वाले एक किसान के बेटे राहुल सिंह ने इको फ्रेंडली बाइक बनाई है। यह बाइक इतनी स्मार्ट है कि इससे न तो धुआं निकलता है न ही किसी तरह की आवाज न ही प्रदूषण होता है। सुरक्षा की लिहाज से भी यह बाइक बेहद संवेदनशील है। यदि बगैर हेलमेट बैठने की कोशिश की जाए तो यह स्टार्ट नहीं होगी। इसमें सेंसर लगाया गया है। इसमें न तो बार-बार पेट्रोल डालने की चिंता रहेगी। वहीं, इसकी बैटरी को एक बार चार्ज करने के बाद दोबारा चार्ज करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। ये जितनी फर्राटा भरेगी, उतनी ही चार्ज होती जाएगी।

स्टैंड न उठाने पर भी नहीं होगी स्टार्ट

मूलतः महराजगंज जिले के बीजापार असमन छपरा गांव के रहने वाले किसान संजय सिंह के पुत्र राहुल सिंह की उम्र अभी महज 17 साल है। वे गोरखपुर के एबीसी पब्लिक स्कूल दिव्‍यनगर में 12वीं के छात्र हैं। उन्‍होंने ये बाइक (बाई-साइकिल) मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन एंड इनोवेशन सेंटर में तैयार किया है। राहुल ने बताया कि शराब पीने और अल्‍कोहल पास में रखकर इसे स्‍टार्ट करने की कोशिश की जाएगी, तो ये स्‍टार्ट नहीं होगी। पहिए लॉक हो जाएंगे। उन्‍होंने बताया कि गलती से स्‍टैंड नहीं उठाया गया, तो भी ये बाईसाइकिल स्‍टार्ट नहीं होगी।

राहुल ने बताया कि ये 25 से 45 की स्‍पीड में फर्राटा भर सकती है। 1.8 क्विंटल तक का वजन उठा सकती है। इसकी लागत 15 से 20 हजार रुपए की लागत लगेगी। उन्‍होंने बताया कि ये पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है। इसमें किसी भी तरह के फ्यूल का प्रयोग नहीं किया गया है। इससे ये पूरी तरह से वायु प्रदूषण से मुक्‍त है। इसके साथ ही इससे ध्‍वनि प्रदूषण भी नहीं होगा। यानी बाई-साइकिल स्‍टार्ट होने और चलने पर भी आवाज नहीं आएगी।

राहुल बताते हैं कि इसमें सेंसर लगा हुआ है। इसे पेटेंट कराने और का‍मर्शियल तौर पर इसे बाजार में लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका चयन इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के लिए हुआ है। वे बताते हैं कि इसके पहले उन्‍होंने सोलर इनोवेनशन के साथ, खेत में दवा के छिड़काव के लिए ड्रोन, एनर्जी कंजरवेशन के लिए मशीन का आविष्कार किया है। उन्‍होंने बताया कि इसके अलावा वे खेत जोतने के लिए ऐसा ट्रैक्टर बनाया, जो गन्ने के खेत की जुताई कर सकता है।

सीएम के साथ प्रशासन कर रहा पढ़ाई में सहयोग

गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय सचिव द्वा‍रिका तिवारी बताते हैं कि राहुल होनहार लड़का और युवा वैज्ञानिक है। उसने कई आविष्‍कार किया है। उन्‍होंने बताया कि इसके पढ़ाई में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के साथ प्रशासन भी सहयोग कर रहा है। उन्‍होंने बताया कि लगातार इसका प्रोत्‍साहन किया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि उन्‍होंने बाई-साइकिल के अलावा सैनिटाइज टनल, खेत जोतने वाली मशीन और अन्‍य कई आविष्‍कार भी किए हैं।

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