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2 दिन के प्रवास पर कानपुर पहुंचे मोहन भागवत, पदाधिकारियों के साथ बैठक शुरू

2 दिन के प्रवास पर कानपुर पहुंचे मोहन भागवत, पदाधिकारियों के साथ बैठक शुरू
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कानपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कानपुर पहुंचे। कानपुर पहुंचने के बाद गुरुवार सुबह पदाधिकारियों के साथ बैठक शुरू हो गई है। कोविड प्रोटोकॉल के तहत बैठक का दौर शुरू हो गया है। संघ प्रमुख की बैठक सिविल लाइंस स्थित क्षेत्र संघ चालक वीरेंद्र जीत सिंह के आवास पर सुबह 9:00 बजे से चल रही है। इस बैठक में मीडिया के ऊपर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है।

इससे पहले वह बुधवार देर रात दिल्ली से हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस से आए। यहां पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों ने सुरक्षा घेरे में ले लिया। इस दौरान भागवत के नजदीक कोई भी अन्य व्यक्ति और पदाधिकारी नहीं पहुंच पाया। आज दिन में केंद्र और प्रदेश सरकार कई मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ बैठक होनी है।

इससे पहले भागवत को सेंट्रल स्टेशन से सीधे सिविल लाइंस स्थित क्षेत्र संघ चालक वीरेंद्र जीत सिंह के आवास पर ले जाया गया। संघ सूत्रों ने बताया कि संघ प्रमुख के कार्यक्रम कोविड प्रोटोकॉल के नियमों के तहत चलेगा इस दौरान संघ प्रमुख थोड़े-थोड़े लोगों से ही मुलाकात कर बातचीत करेंगे।

एक बार में आठ से दस पदाधिकारियों से ही मिलेंगे

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब आधा दर्जन बैठकों में संघ के करीब ढाई दर्जन पदाधिकारियों को सरसंघ चालक से मिलना है। इनमें से कुछ ही एक बार में उनके साथ बैठकर चर्चा कर सकेंगे। बैठकों की व्यवस्था को लेकर तय किया गया है कि एक साथ 8-10 लोगों से ज्यादा एक बार में साथ नहीं रहेंगे। इसमें प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ जिस गतिविधि की चर्चा हो रही हो, सिर्फ उसी के पदाधिकारी वहां मौजूद रहेंगे।

केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यों के लिए जानकारी

संघ के सूत्रों ने बताया कि आज और कल 2 दिन बैठकों का दौर जारी रहेगा। इस दौरान संघ प्रमुख केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में स्वयं सेवकों से जानकारी भी लेंगे और जानने का प्रयास करेंगे कि योजनाओं का लाभ किस किस वर्ग को अधिक मिल रहा है और आम जनता के बीच क्या स्थिति है।

बैठक में स्वयंसेवक के जरिए कोरोनाकाल में किए गए सेवा कार्यों की भी जानकारी करेंगे। और पांच गतिविधियों के तहत पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, गोसेवा, ग्राम विकास और सामाजिक समरसता पर मंथन करेंगे। सामाजिक समरसता के जरिए संयुक्त परिवारों में हो रहे बिखराव और संस्कारों का युवा पीढ़ी में किस तरह संचार हो इसको लेकर चर्चा करते हुए जानकारी भी देंगे।

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