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हार रहा है कोरोना वायरस, बीमारी को मात देकर ठीक हो चुके ये मरीज़

कोरोना से लड़ाई पूरा देश लड़ रहा है , जहां एक तरफ कोरोना के चलते लगातार मृत्यु हो रही है, वहीं कुछ जगहों से राहत भरी खबरें भी सामने आ रही है.

हार रहा है कोरोना वायरस, बीमारी को मात देकर ठीक हो चुके ये मरीज़
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लखनऊ /उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां लगातार कोरोना के बढ़ते मामले सामने आ रहे हैं, वहीं कई जगहों से राहत भरी खबरें भी आ रही हैं। धीरे-धीरे ही सही, लेकिन हमारी जागरूकता कोरोना महामारी को मात देती नजर आने लगी है। ऐसे उदाहरणों से लोगों को समझ आने लगा है कि जहां थोड़ी सी लापरवाही उन्हें संक्रमण के चक्र में डाल सकती है, वहीं थोड़ी सी अतिरिक्त सतर्कता बरतने और कोरोना के सामने हार न मानने से वो इस बीमारी से बच भी सकते हैं।

आइये नज़र डालते थे ऐसे मरीज़ों पर जो कोरोना से जीत चुके है :

आगरा में ठीक हो चुके हैं सात मरीज, आखिरी संक्रमित की हालत में भी दिख रहा सुधार

आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमित आठवें मरीज की हालत में भी सुधार है। यह रेलवे अधिकारी की बेटी है, जो बंगलूरू से मायके आई थी। उसकी रिपोर्ट जल्द आ सकती है। कोरोना के सात मरीज पहले ही ठीक हो चुके हैं।

कोरोना वायरस से जागरूकता और सावधानी का ही असर है कि मंगलवार को लिए गए 17 नमूनों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। दो विदेशी समेत पांचों को छुट्टी दे दी है। इनको 14 दिन तक क्वारंटीन में रहने को कहा गया है। बुधवार को नौ और लोगों के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेज दिए हैं।

महज आठ दिन में संक्रमण से मुक्त हुआ ग्रेटर नोएडा का युवक

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में भर्ती हुए 10 में से एक मरीज को पूरी तरह संक्रमण मुक्त घोषित कर दिया गया है। बुधवार देर शाम मरीज की रिपोर्ट दिल्ली की प्रयोगशाला से आधिकारिक तौर पर प्राप्त हुई। इस मरीज को अस्पताल में 16 मार्च को भर्ती किया गया था। जांच में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। 23 मार्च को उनकी दोबारा जांच कराई गई, जो निगेटिव आई। बुधवार को फिर जांच हुई। इस बार फिर रिपोर्ट निगेटिव रही।

कोरोना से जंग में आगे आए समाजसेवी, गरीबों में बांटे आठ टन गेहूं और चावल

कोरोना वायरस की आपदा से निपटने के लिए समाजसेवी भी मदद को हाथ बढ़ा रहे हैं। कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव व समाजसेवी महफूज अख्तर ने गुरुवार सुबह गरीबों में आठ टन गेहूं और चावल वितरित किया।

हेल्पलाइन पर फोन आते ही गरीबों के बीच राशन बांटने पहुंची पुलिस

कानपुर के पनकी थाने में हेल्पलाइन पर कॉल आया, जिसमें दूसरी तरफ से एक परिवार ने कहा कि उनके घर में राशन खत्म हो गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका पूरा परिवार दो दिनों से भूखा है। यह सूचना मिलते ही पीआरवी नंबर 0409 के पुलिसकर्मी पनकी के गंभीरपुर गांव पहुंचे। परिवार वालों से मिले। सब्जी, राशन और दूध उपलब्ध कराया। उसके बाद कुछ नकद पैसे देकर मदद भी की। साथ ही आश्वासन दिया कि अगर दोबारा जरूरत पड़े तो बेफिक्र होकर कॉल कर लेना। पुलिस प्रशासन आपके साथ है। यह सुनकर पूरा परिवार आश्वस्त हुआ।

एचबीटीयू के छात्रों ने बनाया 25 रुपये का सैनिटाइजर

कानपुर में हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों और छात्रों ने मिलकर सस्ता सैनिटाइजर बनाया है। इसे घर पर आसानी से बना सकते हैं। एल्कोहोलिक सैनिटाइजर के लिए स्प्रिट, एलोवेरा जेल, टी ट्री ऑयल का मिश्रण तैयार किया है। वहीं नॉन एल्कोहोलिक के लिए विच हैजल (एक विशेष पेड़ से निकला ऑयल), उबला पानी, एलोवेरा जेल, टी ट्री ऑयल का प्रयोग किया है। एल्कोहोलिक सैनिटाइजर 25 रुपये (100 एमएल) और नॉन एल्कोहॉलिक 35 रुपये (100 एमएल) है। इसकी टेस्टिंग बायो केमिकल विभाग के डॉ. ललित कुमार ने की है।

मदद के लिए आगे आए शिक्षक, मुख्यमंत्री कोष में देंगे योगदान

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पत्र लिखा है। शिक्षकों के वेतन से एक दिन के वेतन कटौती करके मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराने की मांग की गई है। जिससे आपदा से निपटने में सहायता मिल सके। संघ के अध्यक्ष राकेश चाहर का कहना है कि संगठन के सभी सदस्य शिक्षक कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए सहयोग देने के लिए तैयार हैं। संक्रमण से पीड़ितों की सुरक्षा के लिए उठाए रहे कदम के लिए शिक्षकों ने एक-एक दिन का वेतन देने की सहमति प्रदान की है।

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