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सोनभद्र में सोने की खदान मिलने के बाद जीएसआई ने शुरू कराया हवाई सर्वेक्षण

सोनभद्र के जिला खनन अधिकारी के.के राय ने बताया कि भूतत्व और खनिकर्म विभाग और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम इस कार्य में लगी हुई है

सोनभद्र में सोने की खदान मिलने के बाद जीएसआई ने शुरू कराया हवाई सर्वेक्षण
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सोनभद्र. देश के सबसे पिछड़े जिलों में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश का सोनभद्र अब दुनिया के नक्शे पर अपनी अलग पहचान के साथ सामने आने वाला है. यहां भू-वैज्ञानिकों को दो जगह सोने के अयस्क मिले हैं. माना जा रहा है कि यहां तीन हजार टन सोने के अयस्क से करीब डेढ़ हजार टन सोने का खनन किया जाएगा. इस खबर के बाद पूरे देश की निगाहें सोनभद्र पर टिक गई हैं. उधर सरकार ने इन खदानों को लीज पर देने की प्रक्रिया में तेजी ला दी है.

जीएसआई खदान के इलाके का करा रही हवाई सर्वेक्षण

इनके खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया से पूर्व जिओ टैगिंग की कार्रवाई शुरू की गई है. इसी क्रम में जीएसआई खदान के इलाके का हवाई सर्वेक्षण करा रही है. इसके लिए दो हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं. दरअसल हवाई सर्वेक्षण के पीछे मंशा है कि ये देखा जाए कि क्षेत्र में कहीं कोई जमीन वन विभाग के क्षेत्र में तो नहीं आती है. अगर आती है तो पहले वन विभाग से अनापत्ति लेने की प्रक्रिया होगी, इसके लिए अधिग्रहण भी हो सकता है. इसके बाद लीज की प्रक्रिया शुरू होगी.

इस कार्य को जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम करेगी पूरा

सोनभद्र के जिला खनन अधिकारी के.के राय ने बताया कि भूतत्व और खनिकर्म विभाग और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम इस कार्य में लगी हुई है. जल्द ही पट्टा देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. अभी हेलीकाप्टर के माध्यम से हवाई सर्वे किया जा रहा है और इसका आकलन किया जा रहा है कि कितनी राजस्व की भूमि है और कितनी वन विभाग की है? ताकि खनन के लिए वन विभाग से अनुमति की प्रक्रिया शुरू हो सके.

साेना के साथ अन्य खनिज भी मिले

वैसे जीएसआई को सिर्फ सोने अयस्क ही नहीं मिले हैं. इसके अलावा कई अन्य कीमती खनिज की भी यहां खोज हुई है. जीएसआई ने 90 टन एंडालुसाइट, नौ टन पोटाश, 18.87 टन लौह अयस्क और करीब 10 लाख टन सिलेमिनाइट के भंडार की भी खोज की है. मामले में भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक रोशन जैकब ने मुख्य खनिजों की नीलामी के आदेश जारी कर दिए हैं.

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