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यूपी के कई जिले हुए पूरी तरह कोरोना मुक्त, रंग लाई मेहनत

जिन जिलों ने कोरोना के खिलाफ सफलता पाई है उनमें पीलीभीत, महाराजगंज, हाथरस के बाद लखीमपुर, बरेली, प्रयागराज, शाहजहांपुर, बाराबंकी, कौशांबी, हरदोई और प्रतापगढ़ शामिल हैं. पीलीभीत में 2, बरेली में 6, हाथरस में 4, लखीमपुर में 4, प्रयागराज, बाराबंकी, शाहजहांपुर में एक-एक मरीज भर्ती थे.

यूपी के कई जिले हुए पूरी तरह कोरोना मुक्त, रंग लाई मेहनत
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित इलाकों को सील करने की रणनीति रंग लाती दिख रही है. कोरोना का संक्रमण आगे न फैले, इसके लिए प्रदेश में कई हॉटस्पॉट बनाए गए हैं. हॉटस्पॉट बनाने का फायदा यह हुआ है कि 11 जिले पूरी तरह से कोरोना के संक्रमण से मुक्त बताए जा रहे हैं. कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रशासन ने हॉटस्पॉट चिन्हित किए और लोगों को घर से बाहर निकलने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई. इसके कारण 11 जिलों में कोरोना के नए मामले नहीं मिले हैं.

जिन जिलों ने कोरोना के खिलाफ सफलता पाई है उनमें पीलीभीत, महाराजगंज, हाथरस के बाद लखीमपुर, बरेली, प्रयागराज, शाहजहांपुर, बाराबंकी, कौशांबी, हरदोई और प्रतापगढ़ शामिल हैं. बता दें, पीलीभीत में 2, बरेली में 6, हाथरस में 4, लखीमपुर में 4, प्रयागराज, बाराबंकी, शाहजहांपुर में एक-एक मरीज भर्ती थे. ये सभी मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं. इसी तरह कौशांबी और हरदोई में 2-2 मरीज भर्ती थे जो स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं. इन सभी 11 जिलों के मरीजों की तीन-तीन रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.

दूसरी ओर लखनऊ में तैनात 55 पुलिसकर्मियों को क्वारनटीन करने की खबर आई है. कोरोना संक्रमितों के संपर्क की आशंका में यह फैसला किया गया है. कसाईबाड़ा, नजीराबाद व अन्य स्थानों से ड्यूटी से लौटे 55 पुलिसकर्मियों को क्वारनटीन किया गया है. इनके स्थान पर दूसरे पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर भेजा गया है. सभी 55 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में क्वारनटीन किया गया है. इनमें पुलिस लाइन के किचन के कुछ कर्मचारियों को आइसोलेशन में रखा गया है. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि पुलिस लाइन के किचन में शामिल पुलिसकर्मी हॉटस्पॉट इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों को खाना पहुंचाते थे. इनमें कोरोना के संक्रमण की आशंका है, जिसे देखते हुए क्वारनटीन में रखने का फैसला किया गया है.

उधर लखनऊ स्थित केजीएमयू से एक अच्छी खबर यह आई है कि यहां एंटीबॉडी रैपिड पूल टेस्टिंग के बाद प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी शुरू कर दी गई है. कोरोना से ठीक हो चुके मरीज के खून से प्लाज्मा निकालकर संक्रमित को चढ़ाने की तैयारी की जा रही है. बता दें, आईसीएमआर और ड्रग कंट्रोलर ने केजीएमयू को प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने की अनुमति दी है. स्वस्थ हुए मरीज के 28 दिन बाद प्लाज्मा लेकर चढ़ाने से संक्रमित मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है. इससे कोरोना को मात देने में मदद मिल सकती है.

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