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कोरोना का दूसरा चरण और चुनौतियां

समस्त देशवासियों को राष्ट्रहित में योगदान देने की आवश्यकता है जिससे कि भारतीय समाज में इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि यदि हमने कोई विदेश यात्रा की है उसकी जानकारी सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान हमने जिन लोगों से मुलाकात किया है उनकी जानकारियां सरकार को उपलब्ध कराई जाएं। क्योंकि जानकारियों को छुपाने का मतलब है कि हम अपने समाज और परिवार को खतरे में डाल रहे हैं।

कोरोना का दूसरा चरण और चुनौतियां

आज कोरोनावायरस ने संपूर्ण विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको एक महामारी घोषित किया है। विश्व के अलग-अलग देशों में संक्रमण के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिनसे भारत अछूता नहीं है। ऐसे में भारत को कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए किस प्रकार की तैयारियों की जरूरत है। क्या भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए तैयारियां पर्याप्त है ? इस पर चर्चा किया जाना आवश्यक हो गया है। कोरोना वायरस जिसका पहला मामला चीन के वुहान शहर में देखा गया था। आज यह संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में उद्योगों के बंद होने के कारण उद्योगों पर निर्भर लोगों के समक्ष मूलभूत आवश्यकताओं को भी पूरा करना नामुमकिन हो रहा है।

भारत की बात करें तो लेख लिखने तक भारत में 147 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से आ रहे हैं। भारत के लिए राहत की बात यह है कि जो भी मामले सामने आए हैं। उनमें संक्रमित व्यक्ति या तो विदेश यात्रा से वापस आया है या किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहा है जो कोरोना से प्रभावित है। भारत सरकार द्वारा देशभर के विभिन्न अस्पतालों में 500 ऐसे व्यक्तियों का क्रास परीक्षण किया गया, जो निमोनिया या फेफड़ों से संबंधित किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं। लेकिन उनमें से किसी एक में भी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया। जिससे स्पष्ट हो जाता है कि यह बीमारी अभी भारतीय समाज में नहीं फैली है। भारत अभी संक्रमण के दूसरे दौर में है। जिसमें यह संक्रमण यात्रियों में या यात्रियों के बहुत करीबी लोगों में देखने को मिल रहा है। इन सबके बीच हमें यह याद रखना जरूरी है कि 14 व्यक्ति ऐसे भी हैं, जिनको कोरोना संक्रमण से मुक्त किया गया है।

भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने विशेषकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिस तरह से प्रो एक्टिव रोल कोरोना संक्रमण को लेकर दिखाया है इसी का नतीजा है कि भारत में संक्रमण के मामले सीमित हैं। भारत सरकार के अनुसार यह दूसरा चरण तब तक चलता रहेगा जब तक हम प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति के सोर्स तक नहीं पहुंच जाते। यदि हम चीन, इटली और स्पेन को देखें तो वहां भी प्रारंभ के एक महीने तक संक्रमण सीमित व्यक्तियों में फैला था। लेकिन बाद के एक से दो महीनों में इसने विकराल रूप धारण कर लिया। स्पष्ट है कि तीसरे चरण में जाने के बाद यह संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए हमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी है। हालांकि हमने द्वितीय चरण में ही बहुत सारे आवश्यक कदमों को उठाया है। जिन कदमों को संक्रमित देशों में समय से नहीं उठाया गया और शायद यही कारण भी रहा होगा जिससे इस संक्रमण का तेजी से फैलाव संबंधित देशों में हुआ।

मौजूदा समय में समस्त देशवासियों को राष्ट्रहित में योगदान देने की आवश्यकता है जिससे कि भारतीय समाज में इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि यदि हमने कोई विदेश यात्रा की है उसकी जानकारी सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान हमने जिन लोगों से मुलाकात किया है उनकी जानकारियां सरकार को उपलब्ध कराई जाएं। क्योंकि जानकारियों को छुपाने का मतलब है कि हम अपने समाज और परिवार को खतरे में डाल रहे हैं। यदि आगे के दिनों में किसी ऐसे व्यक्ति में इस संक्रमण का पता चलता है, जिसने ना कोई विदेश यात्रा की है और ना ही किसी ऐसे व्यक्ति से मिला है जो कोरोना से संक्रमित है तो स्पष्ट है की भारत तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है। इसलिए आवश्यक है कि सरकार द्वारा अभी से ही अपनी तैयारियों को पुख्ता किया जाए। जिससे भविष्य में कोरोना की चुनौतियों से लड़ा जा सके। निश्चित तौर पर यदि हम जागरूक रहेंगे तो भविष्य में भी इस तरह की आने वाली चुनौतियों से सुरक्षित रहेंगे।

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